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मेहनत और लगन की मिसाल : रविना नर्रे ने खेलकूद में हासिल की बड़ी सफलता

संघर्ष और मेहनत से क्रीड़ा अधिकारी बनी रवीना 

मेहनत और लगन की मिसाल : रविना नर्रे ने खेलकूद में हासिल की बड़ी सफलता

संघर्ष और मेहनत से क्रीड़ा अधिकारी बनी रवीना 

संवाददाता धनंजय जोशी

जिला पांढुरना मध्य प्रदेश

पांढुरना – ग्राम जामलापानी की निवासी रविना नर्रे आज उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने का साहस रखते हैं। अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ निश्चय के बल पर उन्होंने खेलकूद के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया है।

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रविना नर्रे, जिनकी उम्र 29 वर्ष है, ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कक्षा पहली से पाँचवीं तक ग्राम जामलापानी के स्कूल में प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने कक्षा 6वीं से 12वीं तक की पढ़ाई कन्या परिसर छिन्दवाड़ा में पूरी की। आगे की शिक्षा के लिए उन्होंने पी.जी. कॉलेज छिन्दवाड़ा से स्नातक की पढ़ाई पूर्ण की।

पढ़ाई के साथ-साथ रविना को बचपन से ही खेलकूद में विशेष रुचि थी। अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उन्होंने कई कठिनाइयों का सामना किया और लगातार मेहनत करती रहीं। दिन-रात अभ्यास और समर्पण के साथ खेलकूद की तैयारी करते हुए उन्होंने बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन की डिग्री शिवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर तथा लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन ग्वालियर से प्राप्त की।

उनकी मेहनत और लगन का परिणाम वर्ष 2025 में देखने को मिला, जब उनका चयन SAF आठवीं बटालियन में प्रथम क्रीड़ा अधिकारी के पद पर हुआ। यह उपलब्धि न केवल उनके लिए बल्कि उनके परिवार और क्षेत्र के लिए भी गर्व का विषय है।

रविना नर्रे की यह सफलता बताती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास लगातार हों, तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते।

 

 

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